विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री सुक्खू का आह्वान, पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्त हिमाचल पर दिया जोर
HPN 48 / शिमला
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिमला के रिज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ जल, शुद्ध वायु, वन और नदियां मानव जीवन की आधारशिला हैं और इन प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत को स्वच्छ जल और शुद्ध हवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में पारिस्थितिकी सेवाएं प्रदान करता है, लेकिन इसके अनुरूप केंद्र से पर्याप्त प्रतिफल नहीं मिल रहा है। उन्होंने लोगों से पौधरोपण बढ़ाने, जल संरक्षण अपनाने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि बढ़ता वैश्विक तापमान, मौसम में बदलाव और लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाएं पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना रही हैं। मुख्यमंत्री ने हाल के वर्षों में प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी रही है।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है और वर्ष 2030 तक वन आवरण बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बंजर पहाड़ियों को हरा-भरा बनाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा संबंधित मुद्दों को नीति आयोग की आगामी बैठक में प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ई-वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है और जल्द ही हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में नई ई-बसें शामिल होंगी। जंगलों में आग की घटनाओं को कम करने और रोजगार सृजन के उद्देश्य से बायोचार संयंत्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।
नशा विरोधी अभियान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों के खिलाफ प्रदेशव्यापी जन आंदोलन चलाया जा रहा है। पंचायत स्तर तक नशा कारोबारियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि नशा माफिया के खिलाफ भविष्य में और अधिक कठोर कदम उठाए जाएंगे। सरकार द्वारा नशा कारोबार से जुड़ी संपत्तियों की जांच और जब्ती की कार्रवाई भी जारी है।
उन्होंने बताया कि नशे के मामलों में संलिप्त पाए गए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए हैं। साथ ही नशे की लत से प्रभावित युवाओं के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, पंचायतों और अन्य संस्थाओं को पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किए। इसके अलावा मिनी मैराथन के विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा ई-वाहनों की चाबियां भी सौंपी गईं।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने ओक ओवर, शिमला में चिनार पौधरोपण अभियान के प्रथम चरण का शुभारंभ भी किया। इस दौरान उन्होंने वानिकी, पर्यावरण प्रबंधन और ईको-टूरिज्म से संबंधित कई प्रकाशनों का विमोचन किया तथा विद्यार्थियों को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
