हिमाचल प्रदेश सरकार ने हाल ही में निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह की तिथि घोषित कर दी है। राज्य की 3,758 ग्राम पंचायतों के प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य 15 जून को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण के बाद नव-निर्वाचित प्रतिनिधि पंचायतों का कार्यभार संभालेंगे और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी निभाएंगे।
गौरतलब है कि पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 31 जनवरी को समाप्त होने के बाद पंचायतों का प्रशासनिक कार्यभार सरकारी अधिकारियों को सौंपा गया था। अब चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई पंचायतें सक्रिय रूप से कार्य शुरू करेंगी।
जानकारी के अनुसार, राज्यभर में 176 प्रधान और 286 उपप्रधान निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (सामान्य) नियम, 1997 के तहत शपथ दिलाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री तथा मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों को सौंपी गई है।
जिलावार शपथ ग्रहण कार्यक्रम के तहत कांगड़ा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, चंबा में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, ऊना में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, सोलन में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल, कुल्लू में कृषि मंत्री चंद्र कुमार, सिरमौर में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, किन्नौर में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिमला में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, मंडी में पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, बिलासपुर में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा हमीरपुर में आयुष एवं युवा सेवाएं मंत्री यादविंद्र गोमा शपथ दिलाएंगे।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि शपथ ग्रहण समारोह का स्थान और समय संबंधित उपायुक्त स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्धारित करेंगे। कार्यक्रम में सांसदों, विधायकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
27 जून को होगी पहली बैठक
पंचायती राज विभाग ने नवगठित ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की पहली बैठक 27 जून को आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में नए जनप्रतिनिधि विकास योजनाओं और स्थानीय प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।
हालांकि, लाहौल-स्पीति जिले की जिला परिषद, केलांग उपमंडल की ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों तथा चंबा जिले के पांगी उपमंडल की पंचायतों के लिए पहली बैठक 18 अक्तूबर को आयोजित की जाएगी।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना की प्रतियां सभी उपायुक्तों, जिला पंचायत अधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों और राज्य निर्वाचन आयोग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।
