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आनी में बीडीसी अध्यक्ष पद को लेकर बढ़ा सियासी विवाद, महिला सदस्य को जबरन ले जाने के आरोप पर FIR दर्ज

आनी में बीडीसी अध्यक्ष पद को लेकर बढ़ा सियासी विवाद, महिला सदस्य को जबरन ले जाने के आरोप पर FIR दर्ज

कुल्लू 

कुल्लू जिले की पंचायत समिति आनी में बीडीसी अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। पंचायत समिति सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच विवाद बढ़ गया, जो कथित रूप से हाथापाई तक पहुंच गया। मामले में महिला बीडीसी सदस्य को जबरन अपने साथ ले जाने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी शिकायत में रजनीश कुमार निवासी गांव धार, डाकघर जांओ, तहसील आनी ने आरोप लगाया है कि उनकी माता मणि देवी हाल ही में पंचायत समिति सदस्य निर्वाचित हुई हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार पिछले कुछ दिनों से उनके परिवार पर पंचायत समिति अध्यक्ष के चुनाव में एक विशेष उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

शिकायत में कहा गया है कि शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आनी जाते समय उनका रास्ता रोका गया और कथित तौर पर धमकियां दी गईं। इसके बाद शपथ ग्रहण समारोह समाप्त होने पर जब वह अपनी माता के साथ घर लौट रहे थे, तब कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनका पीछा किया गया तथा उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी माता मणि देवी को उनकी इच्छा के विरुद्ध जबरन अपने साथ ले जाया गया। घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

शिकायत में कई लोगों के नाम दर्ज कराते हुए उन पर मारपीट और महिला सदस्य को जबरन साथ ले जाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक कुल्लू मदन लाल कौशल ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उधर, पंचायत समिति आनी में अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक समीकरण भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। पंचायत समिति में कुल 15 सदस्य हैं और भाजपा तथा कांग्रेस दोनों ही बहुमत होने का दावा कर रहे हैं। भाजपा का कहना है कि उसके समर्थन में आठ सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस भी आठ सदस्यों का समर्थन होने का दावा कर रही है। ऐसे में एक सदस्य को लेकर सामने आए विवाद ने चुनावी गणित को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।

फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों की नजरें टिकी हुई हैं, जबकि पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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