प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना 2026: किसानों को 60 साल की उम्र के बाद ₹3000 पेंशन, जानें पात्रता, योगदान और आवेदन प्रक्रिया
HPN 48 / India
Himanshu Agarwal
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY): देश के छोटे और सीमांत किसानों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना शुरू की गई थी। यह एक स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है, जिसके तहत पात्र किसानों को 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद कम से कम ₹3,000 प्रति माह की सुनिश्चित पेंशन देने का प्रावधान है। योजना में किसान की उम्र के अनुसार मासिक योगदान तय होता है और केंद्र सरकार भी किसान के बराबर राशि का योगदान करती है।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना की शुरुआत 12 सितंबर 2019 को हुई थी। 12 सितंबर 2026 को इस योजना के सात वर्ष पूरे हो रहे हैं। सरकार के अनुसार, 6 फरवरी 2026 तक योजना में 24,96,252 किसान नामांकित हो चुके थे।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना क्या है?
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना केंद्र सरकार की एक old-age pension scheme है। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे छोटे और सीमांत किसानों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है जिनकी आय कृषि पर निर्भर है और बुढ़ापे में नियमित आय का कोई निश्चित स्रोत नहीं हो सकता।
इस योजना में पात्र किसान 18 से 40 वर्ष की उम्र के बीच शामिल हो सकते हैं। किसान को 60 वर्ष की उम्र तक अपनी उम्र के अनुसार निर्धारित राशि का योगदान करना होता है। केंद्र सरकार किसान के योगदान के बराबर राशि का matching contribution पेंशन फंड में देती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद पात्र subscriber को न्यूनतम ₹3,000 मासिक पेंशन मिलती है।
60 साल की उम्र के बाद कितनी पेंशन मिलेगी?
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में पात्र किसान को 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद ₹3,000 प्रति माह की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन मिलती है।
इस हिसाब से सालाना पेंशन:
₹3,000 × 12 = ₹36,000 प्रति वर्ष
यह पेंशन किसान को उसके जीवनकाल में योजना के नियमों के अनुसार मिलती है।
किसान को हर महीने कितना पैसा जमा करना होगा?
योजना में किसान का योगदान उसकी प्रवेश की उम्र पर निर्भर करता है। कम उम्र में योजना से जुड़ने वाले किसानों का मासिक योगदान कम होता है, जबकि 40 वर्ष की उम्र के करीब योजना में शामिल होने पर योगदान अधिक होता है।
किसान का मासिक योगदान ₹55 से ₹200 के बीच है। केंद्र सरकार किसान के बराबर matching contribution करती है।
उम्र के अनुसार मासिक योगदान
| योजना में प्रवेश की उम्र | किसान का मासिक योगदान | सरकार का योगदान | कुल मासिक योगदान |
|---|---|---|---|
| 18 वर्ष | ₹55 | ₹55 | ₹110 |
| 19 वर्ष | ₹58 | ₹58 | ₹116 |
| 20 वर्ष | ₹61 | ₹61 | ₹122 |
| 21 वर्ष | ₹64 | ₹64 | ₹128 |
| 22 वर्ष | ₹68 | ₹68 | ₹136 |
| 23 वर्ष | ₹72 | ₹72 | ₹144 |
| 24 वर्ष | ₹76 | ₹76 | ₹152 |
| 25 वर्ष | ₹80 | ₹80 | ₹160 |
| 26 वर्ष | ₹85 | ₹85 | ₹170 |
| 27 वर्ष | ₹90 | ₹90 | ₹180 |
| 28 वर्ष | ₹95 | ₹95 | ₹190 |
| 29 वर्ष | ₹100 | ₹100 | ₹200 |
| 30 वर्ष | ₹105 | ₹105 | ₹210 |
| 31 वर्ष | ₹110 | ₹110 | ₹220 |
| 32 वर्ष | ₹120 | ₹120 | ₹240 |
| 33 वर्ष | ₹130 | ₹130 | ₹260 |
| 34 वर्ष | ₹140 | ₹140 | ₹280 |
| 35 वर्ष | ₹150 | ₹150 | ₹300 |
| 36 वर्ष | ₹160 | ₹160 | ₹320 |
| 37 वर्ष | ₹170 | ₹170 | ₹340 |
| 38 वर्ष | ₹180 | ₹180 | ₹360 |
| 39 वर्ष | ₹190 | ₹190 | ₹380 |
| 40 वर्ष | ₹200 | ₹200 | ₹400 |
सरकारी contribution भी किसान के योगदान के बराबर होता है।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के लिए कौन पात्र है?
इस योजना का लाभ लेने के लिए मुख्य रूप से निम्न शर्तें पूरी करनी होती हैं:
आवेदक भारत का किसान होना चाहिए।
किसान Small and Marginal Farmer (SMF) श्रेणी में होना चाहिए।
किसान की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
किसान के पास खेती योग्य भूमि 2 हेक्टेयर तक होनी चाहिए।
भूमि का विवरण संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के land records में दर्ज होना चाहिए।
आवेदक को योजना की exclusion criteria में नहीं आना चाहिए।
किन किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिलता?
हर किसान इस योजना में शामिल नहीं हो सकता। सरकार ने कुछ श्रेणियों को योजना से बाहर रखा है।
1. दूसरी statutory social security schemes वाले किसान
ऐसे किसान जो पहले से कुछ अन्य statutory social security schemes के अंतर्गत आते हैं, वे PM-KMY के लिए पात्र नहीं होते। इनमें NPS, ESIC और EPFO जैसी योजनाओं से जुड़े लोग शामिल हैं।
2. PM-SYM या PM-LVM के लाभार्थी
जो किसान पहले से:
Pradhan Mantri Shram Yogi Maan-dhan Yojana (PM-SYM)
Pradhan Mantri Laghu Vyapari Maan-dhan Yojana (PM-LVM)
में शामिल हैं, वे PM-KMY में पात्र नहीं होते।
3. आयकरदाता
ऐसे व्यक्ति जिन्होंने पिछले assessment year में Income Tax का भुगतान किया है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
4. सरकारी कर्मचारी
केंद्र या राज्य सरकार के कुछ serving या retired officers/employees, सरकारी विभागों, PSUs और नियमित local-body employees को योजना से बाहर रखा गया है।
हालांकि guidelines में Multi-Tasking Staff (MTS), Class IV और Group D employees के संबंध में अपवाद दिया गया है।
5. संवैधानिक पदों पर रहे लोग
वर्तमान या पूर्व संवैधानिक पद धारक तथा कुछ वर्तमान/पूर्व निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी योजना की exclusion category में आते हैं।
6. कुछ registered professionals
व्यवसाय के रूप में practice करने वाले registered professionals जैसे:
डॉक्टर
इंजीनियर
वकील
चार्टर्ड अकाउंटेंट
आर्किटेक्ट
योजना की exclusion criteria में आते हैं।
योजना में परिवार को क्या लाभ मिलता है?
PM-KMY में केवल subscriber के लिए ही नहीं, बल्कि उसकी मृत्यु के बाद spouse के लिए भी family pension का प्रावधान है।
अगर किसान 60 वर्ष की उम्र के बाद pension प्राप्त कर रहा है और उसकी मृत्यु हो जाती है, तो पात्र spouse को मिलने वाली pension का 50 प्रतिशत family pension के रूप में मिल सकता है।
₹3,000 की pension के आधार पर यह राशि ₹1,500 प्रति माह होगी। यह benefit spouse के लिए है और scheme के नियमों के अनुसार लागू होता है।
अगर किसान की मृत्यु 60 साल से पहले हो जाए तो क्या होगा?
अगर subscriber ने नियमित contribution किया है और 60 वर्ष की आयु पूरी करने से पहले उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसके spouse के लिए scheme में आगे जुड़कर contribution जारी रखने का विकल्प उपलब्ध है।
Spouse निर्धारित contribution देकर scheme continue कर सकता है या लागू exit और withdrawal provisions के अनुसार बाहर निकल सकता है।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में आवेदन कैसे करें?
पात्र किसान योजना में enrollment के लिए नजदीकी Common Service Centre (CSC) पर जा सकते हैं।
Registration के दौरान किसान की पहचान और बैंक संबंधी जानकारी ली जाती है और online enrolment किया जाता है।
आम तौर पर किसान को निम्न जानकारी/दस्तावेज की आवश्यकता होती है:
Aadhaar Card
Bank Account details
IFSC/MICR details
Mobile Number
किसान और spouse की आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी
भूमि संबंधी eligibility records
सरकारी जानकारी के अनुसार CSC के माध्यम से registration की सुविधा उपलब्ध है।
क्या PM-KISAN का पैसा PM-KMY में इस्तेमाल हो सकता है?
हां। पात्र Small and Marginal Farmers अपने PM-KISAN benefits का उपयोग PM-KMY में अपने voluntary contribution के लिए कर सकते हैं।
इसके लिए किसान को आवश्यक enrolment-cum-auto-debit mandate देना होता है, जिसके आधार पर PM-KISAN benefit जिस bank account में आता है, उससे निर्धारित contribution debit किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में पैसा कैसे कटता है?
Enrollment के समय किसान auto-debit mandate देता है। इसके बाद निर्धारित contribution किसान के linked bank account से auto-debit किया जा सकता है।
योजना में योगदान की frequency के लिए monthly के अलावा quarterly, four-monthly या half-yearly विकल्प भी उपलब्ध बताए गए हैं।
PM-KMY का पैसा कौन manage करता है?
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का pension fund Life Insurance Corporation of India (LIC) द्वारा manage किया जाता है। योजना का प्रशासन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के Department of Agriculture & Farmers Welfare के माध्यम से होता है।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना का उद्देश्य क्या है?
भारत में बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसानों की आय कृषि पर निर्भर होती है। खेती से होने वाली आय मौसम, फसल, बाजार मूल्य और अन्य परिस्थितियों से प्रभावित हो सकती है।
ऐसे में PM-KMY का उद्देश्य किसानों को वृद्धावस्था में एक निश्चित सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है ताकि 60 वर्ष की उम्र के बाद उन्हें कम से कम ₹3,000 की मासिक pension मिल सके।
यह योजना किसानों के लिए retirement-oriented social security के रूप में काम करती है।
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना 2026: महत्वपूर्ण बातें
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना |
| Short Name | PM-KMY |
| शुरुआत | 12 सितंबर 2019 |
| पात्र उम्र | 18–40 वर्ष |
| भूमि सीमा | अधिकतम 2 हेक्टेयर |
| 60 वर्ष के बाद न्यूनतम pension | ₹3,000 प्रति माह |
| किसान का योगदान | ₹55–₹200 प्रति माह |
| सरकार का योगदान | किसान के बराबर |
| Family Pension | Pension का 50% |
| Pension Fund Manager | LIC |
| Enrollment | CSC आदि के माध्यम से |
2026 में PM-KMY की स्थिति
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना ने सितंबर 2026 में अपने सात वर्ष पूरे किए हैं। सरकार के अनुसार, 6 फरवरी 2026 तक 24,96,252 किसानों का enrollment इस योजना में हो चुका था।
सरकार के अनुसार फरवरी 2026 तक PM-KMY के तहत देशभर में ₹540.66 करोड़ का उपयोग किया जा चुका था।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
किसानों के लिए वृद्धावस्था में नियमित आय की व्यवस्था एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा आवश्यकता है। PM-KMY में किसान अपनी working age के दौरान छोटा नियमित contribution करता है और सरकार भी उसके बराबर योगदान करती है।
इस तरह योजना का उद्देश्य किसान को 60 वर्ष के बाद कम से कम ₹3,000 की monthly assured pension उपलब्ध कराना है।
हालांकि योजना में शामिल होने से पहले किसान को अपनी eligibility और exclusion criteria जरूर जांचनी चाहिए।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) छोटे और सीमांत किसानों के लिए केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण pension और social security scheme है। इसमें 18 से 40 वर्ष की उम्र के पात्र किसान शामिल हो सकते हैं और उम्र के अनुसार ₹55 से ₹200 तक मासिक योगदान कर सकते हैं। केंद्र सरकार किसान के बराबर contribution करती है।
60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पात्र subscriber को ₹3,000 प्रति माह की न्यूनतम सुनिश्चित pension मिलती है। subscriber की मृत्यु के बाद scheme के नियमों के अनुसार spouse को 50 प्रतिशत family pension का प्रावधान भी है।
किसानों को आवेदन करने से पहले अपनी जमीन, उम्र, income-tax status और अन्य social-security schemes से संबंधित eligibility जरूर जांचनी चाहिए। योजना की आधिकारिक जानकारी और enrollment के लिए सरकारी माध्यमों/CSC का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
