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PNB में ₹17.29 करोड़ के नकली नोट! बैंक मैनेजर गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

 PNB में ₹17.29 करोड़ के नकली नोट मिलने से हड़कंप, बैंक मैनेजर गिरफ्तार; NIA कर रही जांच

HPN 48 Desk / Delhi

UP सहारनपुर: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के सहारनपुर स्थित करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट मिलने के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। शुरुआती जांच में करीब ₹7.40 करोड़ की संदिग्ध नकली करेंसी सामने आई थी, लेकिन ऑडिट और जांच आगे बढ़ने के बाद यह रकम बढ़कर करीब ₹17.29 करोड़ तक पहुंच गई।

मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। जांच के दौरान PNB के करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा बैंक के तीन कर्मचारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

RBI को भेजी गई रकम में सामने आया मामला

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब PNB के सहारनपुर करेंसी चेस्ट से RBI के जयपुर कार्यालय भेजी गई नकदी में करीब ₹4.36 लाख की कमी सामने आई। इसके बाद बैंक में आंतरिक जांच और ऑडिट शुरू किया गया।

ऑडिट के दौरान करेंसी चेस्ट में रखे नोटों की जांच की गई तो बड़ी संख्या में ऐसे नोट मिले जिन पर नकली होने का संदेह जताया गया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, संदिग्ध नकली नोटों की संख्या और उनकी कुल कीमत बढ़ती गई।

पहले यह आंकड़ा करीब ₹7.40 करोड़ बताया गया था, लेकिन बाद में विस्तृत जांच में लगभग ₹17.29 करोड़ की संदिग्ध नकदी सामने आने की बात सामने आई।

ज्यादातर ₹500 के नोट होने की बात

जांच में सामने आया है कि संदिग्ध नकली नोटों में बड़ी संख्या ₹500 के नोटों की है। इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकली करेंसी का बैंक के सुरक्षित करेंसी चेस्ट तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।

अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये नोट करेंसी चेस्ट तक किस रास्ते से पहुंचे और क्या किसी स्तर पर असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए थे।

तीन बैंक कर्मचारी निलंबित

मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब नेशनल बैंक ने तीन कर्मचारियों को निलंबित किया है। इनमें रवि कुमार, सुशील कुमार शर्मा और अमित कुमार के नाम सामने आए हैं।

वहीं, करेंसी चेस्ट से जुड़े एक अन्य व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच एजेंसियां बैंक के कर्मचारियों के साथ-साथ वहां आने-जाने वाले लोगों और करेंसी चेस्ट की सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कर रही हैं।

CCTV फुटेज भी जांच का हिस्सा

जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से जुड़े CCTV फुटेज को भी खंगाला गया। रिपोर्टों के मुताबिक फुटेज में एक पार्ट-टाइम हाउसकीपर के नोटों के बंडलों से छेड़छाड़ करने का संदेह सामने आया है।

हालांकि, इस मामले में किसी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम रूप से दोषी नहीं माना जा सकता। जांच अभी जारी है और एजेंसियां CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड, नकदी के लेन-देन और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने में लगी हैं।

NIA ने संभाली जांच

मामले में शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने केस दर्ज किया था। बाद में इसकी गंभीरता और संदिग्ध नकली करेंसी की बड़ी मात्रा को देखते हुए NIA ने जांच अपने हाथ में ले ली।

NIA अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोटों का स्रोत क्या था और वे बैंक के करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे।

जांच एजेंसी बैंक के कैश रिकॉर्ड, करेंसी चेस्ट में हुई गतिविधियों, CCTV फुटेज, नोटों के सीरियल नंबर और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।

बैंक मैनेजर गिरफ्तार

जांच के दौरान करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार को गिरफ्तार किया गया। बताया गया कि वह जांच के दौरान फरार था और बाद में उसे चंडीगढ़ से पकड़ा गया।

अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे आगे की जांच के लिए लखनऊ ले जाया गया। अब जांच एजेंसियां उससे करेंसी चेस्ट में रखी नकदी, रिकॉर्ड और संदिग्ध नोटों से जुड़े कई सवालों पर पूछताछ कर रही हैं।

₹111 करोड़ की खेप का भी कनेक्शन खंगाला जा रहा

जांच का दायरा अब केवल ₹17.29 करोड़ की संदिग्ध नकदी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां बैंक में आने-जाने वाली बड़ी नकदी की खेप और उसके रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं।

रिपोर्टों के अनुसार करीब ₹111 करोड़ की करेंसी खेप से जुड़े रिकॉर्ड और उसके ट्रेल को भी जांच के दायरे में रखा गया है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी रकम की आवाजाही के दौरान किसी स्तर पर नकदी में गड़बड़ी हुई थी या नहीं।

क्या नकली नोट बाजार में पहुंच गए?

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि करेंसी चेस्ट में मिले संदिग्ध नोटों में से कोई नोट बैंक की शाखाओं या आम लोगों तक पहुंचा या नहीं।

बैंक की ओर से शुरुआती तौर पर यह बताया गया था कि संदिग्ध नकदी करेंसी चेस्ट में ही मिली और उसके शाखाओं में वितरण की पुष्टि नहीं हुई थी। हालांकि, जांच एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं।

अगर संदिग्ध नकली नोट बैंकिंग सिस्टम के जरिए बाहर जाने की पुष्टि होती है तो मामला और गंभीर हो सकता है।

जांच में कई सवालों के जवाब तलाश रही NIA

NIA के सामने फिलहाल कई अहम सवाल हैं—

  • करोड़ों रुपये के संदिग्ध नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे?
  • क्या असली नोटों को निकालकर उनकी जगह नकली नोट रखे गए?
  • इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं?
  • संदिग्ध नोटों का स्रोत कहां है?
  • बैंक के रिकॉर्ड और CCTV में क्या सामने आया?
  • क्या संदिग्ध नकदी का कोई हिस्सा बैंकिंग सिस्टम से बाहर गया?
  • करेंसी की बड़ी खेप से इस मामले का कोई संबंध है या नहीं?

इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

PNB के करेंसी चेस्ट में करोड़ों रुपये की संदिग्ध नकली करेंसी मिलने का मामला बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और करेंसी चेस्ट में नकदी की निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिलहाल NIA और अन्य जांच एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। ₹17.29 करोड़ की रकम से जुड़े सभी नोटों की जांच, कर्मचारियों की भूमिका और नकदी के पूरे ट्रेल को खंगाला जा रहा है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इस पूरे मामले के पीछे वास्तव में कौन-कौन लोग शामिल थे।

नोट: मामले की जांच अभी जारी है, इसलिए जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनकी भूमिका को जांच पूरी होने तक आरोप या संदेह के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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